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Category Dr.Chirag Thakkar

एसिड रिफ्लक्स, एसिडिटी या GERD: खान पान और जीवनशैली के बदलाव

एसिड रिफ्लक्स, एसिडिटी और GERD की समस्या आज के दौर मैं काफी ज्यादा मात्रा में देखने मिलती है। ये बीमारी जानलेवा न होने के बावजूद ये समस्या, GERD से पीड़ित दर्दी और समाज के लिए एक बड़ा बोज है। मगर इस बीमारी के इलाज से दर्दी एक नोर्मल जीवन जी सकता है और इस बीमारिको होनेसे रोका भी जासकता है। दोनों ही स्थिति में आरोग्यप्रद जीवनशैली और आहार बेहद आवश्यक है।

एसिड रिफ्लक्स, एसिडिटी और GERD: अनुचित जीवनशैली से पनपती समस्या

GERD a lifestyle disease

एसिड रिफ्लक्स या एसिडिटी एक lifestyle डिसऑर्डर है, यानि अनुचित जीवनशैली इस बीमारी का मुख्य कारन है। अभी के समय मे हमारी बदलती जीवनशैली, पश्चिमी तौर तरीके और जंक फ़ूड के बड़ी मात्रा मे उपयोग की वजह से, ये बीमारी बड़ी तेजी से बढ़ रही है। 

 
इसीलिए खुराक और जीवनशैली के बदलाव ना केवल इस बीमारी के इलाज का अहम् हिस्सा है , परन्तु ये बीमारी को रोकनेके लिए भी आवश्यक है। 
 
एसिड रिफ्लक्स, एसिडिटी  और GERD के सारे मरीजों केलिए ये बदलाव आवश्यक है, उनकी बीमारी  सामान्य  हो या गंभीर। आपकी बीमारी की तीव्रता के मुताबिक आपको दवाइयां या आपरेशन की जरुरत पड़ सकती है , पर दवाइयां और आपरेशन के बावजूद खान पान और जीवनशैली के बदलाव आवश्यक है, अगर आप बीमारी को जड़ से मिटाना चाहते है ।
 बात बिलकुल  सीधी और सरल  है, किसी भी समस्या का सम्पूर्ण हल तभी आता है, जब हम उस समस्या के मुख्य कारन को दूर करते है । 
 

जीवनशैली के कौन से बदलाव आपको लाने चाहिये अगर आप एसिड रिफ्लक्स ,एसिडिटी और GERD से परेशान है

खुराक निगलने की सामान्य प्रक्रिया

GERD treatment: Stop smoking and alcohol

धूम्रपान, तम्बाकू और शराब आपकी अन्ननली एवं जठर की अंदरूनी परत पर सीधा नुकसान पंहुचा कर अलसर यानि छाले बनाते है।  इसके आलावा वे जठर मे एसिड का उत्पादन भी बढ़ाते है। और वे अन्ननली और जठर के बीचके LES वाल्व को relax यानि की सुसत और ढीला  करते है।इसकी वजहसे  खाया हुआ भोजन और पानी एवं जठर मे बना एसिड आसानीसे ऊपर की और अन्ननली मे आता है और वहा damage करके छाले बनाता है। 

इसीलिए अगर आपको इसमेसे  की कोई भी आदत है, तो सबसे पहले अपको इसे छोडनेकी आवश्यकता है, अगर आप इस समस्या का परमानेनेट सलूशन और एक उत्तम गुणवत्ता का जीवन चाहते है तो।  
 

शरीरका उचित वजन बनाये रखिये

Weight loss: Part of GERD treatment if you are overweight

मोटापा आपके पेटके अंदर और बाहरि दीवार पर चर्बी बढाकर आपके जठर और LES वाल्व पर pressure बढ़ाता है। इससे hiatus हर्निया होने की ,LES vlave लैक्स याने सुस्त होनेकी और एसिड रिफ्लक्स होने की सम्भावना बढ़ जाती है। इसीलिए अगर आपका वजन उचित से ज्यादा  है तो कुछ किलो वजन घटाने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या मे काफी फायदा मिलेगा। 

 
हर रोज आधा से एक घंटे के लिए कसरत करने से, वजन और एसिड रिफ्लक्स कम होने के साथ साथ, स्वास्थ्य के कई और फायदे भी होंगे। आप वॉक , जॉगिंग ,साइकिलिंग , स्विमिंग या आपके पसंद कोई भी स्पोर्ट activity  कर सकते है। 
एक बात का ध्यान रखे , excercise करने से पहले खाना ना खाये, वर्ना excercise के दौरान एसिड रिफ्लक्स की सम्भावना बढ़ जाएगी। 
 

मानसिक तनाव और चिंता कम् करे

De-stress yourself: GERD/Heartburn

Scientific studies ने ये पुरवार किया है के मानसिक गतिविधि  और पाचन प्रक्रिया एक दूसरे के साथ गेहराई से जुड़े हुए है। मानसिक चिंता और तनाव न केवळ जठर मे एसिड का उद्पादन बढ़ाता है , पर जठर और आंत की गतिविधि को भी प्रभावित करता है। मानसिक तनाव एसिड रिफ्लक्स की समस्या की तीव्रता अनेक गुना बढ़ा देती है। 

 
इसलिए हररोज़ १० मिनट के लिए भी अगर मेडिटेशन करते है , या मन और शरीर को relax करने के लिए और कोई एक्टिविटी करते है, तो उससे एसिड रिफ्लक्स और पाचन सम्बंधित समस्याओ में लम्बे समय के लिए फायदा मिलता है।  
 

खाने पिने और सोने का समय नियमित रखें

सही समय पे भोजन करे। दोपहर और रात खाना देर से ना खाये।
 खाने के बाद तुरंत ना लेटें।  खाने और सोने के बीच कम से कम २ घंटे का  रखें।
 
अच्छी और पूरी नींद ले। 
अपने काम करने के समय और तरीकेमे बदलाव करे ताकि उपरके खान पान और नींद के बदलाव आपके के लिए मुमकिन बने। 
 

टाइट फिटिंग वाले कपडे और बेल्ट ना पहने

 
टाइट कपडे और बेल्ट आपके पेट पे प्रेशर बढाते है और इससे एसिड रिफ्लक्स होने की सम्भावना बढ़ जाती है। इसलिए जिन्हे एसिड रिफ्लक्स की समस्या भारी मात्रा में रहती हो, उन्हें पेट और कमर के पास टाइट कपडे और बेल्ट नहीं पहनना चाहिए 
 

सोनेके समय बिस्तर का सिरहाना ऊपर रखें

 
अगर आपको sevre एसिड रिफ्लक्स का  प्रॉब्लम है, खास कर अगर रातको सोने पर आपको ज्यादा तख़लीफ़ होती है, तो सोते समय सिराहने का हिस्सा ४-६ इंच ऊँचा करनेसे, आपको सोते समय होने वाली तकलीफ़मे काफी आराम मिलेगा। 
 
हालाकि इतनी ज्यादा तकलीफ वाले मरीजों के लिए लप्रोस्कोपिक ऑपरेशन उत्तम उपाय है, जिसके बाद सिरहाना ऊपर रखके सोनेकी जरुरत नहीं रहती। पर जब तक आप ऑपरेशन का निर्णय  नहीं लेते तब  तक इससे काफी आराम मिलेगा। 
 
एक बात का विशेष ध्यान रखे , सिर्फ सर के निचे तकिये ज्यादा रखनेसे फायदा नहीं होगा । आपकी  छाती और पेटका उप्परी हिस्सा ऊँचा होना चाहिए, तभी इसका कोई असर होगा। 
 
 

खाने पिनेमे क्या बदलाव करना चाहिए अगर आपको एसिड रिफ्लक्स की समस्या है तो 

आप क्या खाना खाते  है उसे अधिक महत्वपूर्ण है की आप खाना कितना और कैसे खाते है

 
Regular timings: five meals a day

पेट तन जाये ऐसा  भारी  खुराक जठर से  खाली होनेमे ज्यादा समय लेता है और LES वाल्व पर भी प्रेशर यानि तनाव डालता है। इसलिए देर रात को लिया गया भारी खुराक, लेटते  ही  आसानी से उप्पर अन्ननली में वापस आता है। खुराक के साथ जठर मे बना एसिड भी अन्ननली मे आता है।  अगर ये खाना तला ,चर्बीयुक्त और मसालेदार हो तो दिक्कत और बढ़ती है। 

 
इसलिए आपको एक साथ ज्यादा खाने के बजाय, कम मात्रा में खाना दिन मे ४-५ बार खाना चाहिए। देर रातको खाना avoid करे।  खानेके बाद तुरंत ना लेटे और कसरत न करे। खाने और सोने के समय को नियमित रखे। 
आपको दोपहर का भोजन मुख्य भोजन और रात का भोजन कम लेना चाहिए।रात का खाना अगर जल्दी खाये तो बेहतर है। ताकि सोने के समय आपका जठर पूरा भरा हुआ न हो।खाने और सोने के समय के बीच १-२ घंटे का समय रखे। सुबह के नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच, और दोपहर और रात के खाने के बीच कुछ नाश्ता या फल खाये। इससे भोजन के समय आप बहुत ज्यादा भूखे न हो, की काने पे टूट पड़े।
 
खाना तनावमुक्त वातावरणमे में खाये , आराम से स्वाद लेके खाये , जल्दबाज़ी में ना खाये। 
 
 

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कौनसे खानेके पदार्थ टाले

कुछ खाने और पीनेके पदार्थ एसिड रिफ्लक्स होने की सम्भावना और तीव्रता बढ़ाते है। कुछ खुराक जठर से आगे बढनेमें ज्यादा समय लेते है , तो कुछ एसिड का उत्पादन बढ़ाते है या खुद एसिडिक नेचर के होते है, और कुछ LES वाल्व को सुस्त बनाते है।
पर कौन सा खुराक एसिड रेफ़लस और एसिडिटी करेगा, वो हर इंसान से इंसान अलग होता है।
आपको अपने खान पान और अपनी तक्लीफोंका  ध्यान से विश्लेषण करना चाहिए। और जो चीज़ आपको अनुकूल न हो ,जिससे आपको एसिडिटी होती हो उसे न खाये।
सामान्य तौर पर एसिड रिफ्लक्स के  मरीजोंको ये चीजे न खानी या कम खानी चाहिए
Common GERD Trigger foods to be avoided

मसालेदार , तलाहुआ और चर्बीयुक्त भोजन

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चाय , कॉफी ,कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य  गैस युक्त प्रवाही
चीनी , मैंदा ,
कुछ सब्जिआ जैसे प्याज , लसुन, टमाटर
पूरी चर्बीवाला दूध और अन्य डेरी प्रोडक्ट्स , यानि आपको लो फैट दूध, दही और पनीर खाना चाहिए
खट्टे फल जैसे ऑरेंज, पाइनएप्पल , निम्बू
खट्टे फलो के बारेमे में एक बात साफ करलु की वो एसिड रिफ्लक्स ही बीमारी का कारन नहीं होते। ये फलो में citric  acid नमक acidic पदार्थ होने की वजह से, एसिड रिफ्लक्स के मरीजों को ये  फ्रूट खानेसे जलन ज्यादा होती है। अगर एसिड रिफ्लक्स दवाई या ऑपरेशन से कंट्रोल में है, तो आप ये सारे  फल खा सकते है।
वैसे भी ये फल healthy और पोषक खुराक का हिस्सा है और अच्छे स्वस्थ के लिए इन्हे सही मात्रा मे नियमित रूप से खाना चाहिए। अगर इलाज के बावजूद आपको ये फ्रूट्स से तकलीफ होती है तो आपको अपने doctor से मिलके उनके मार्गदर्शन में इलाज मे बदलाव की ज़रूरत है।