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Category Dr.Chirag Thakkar

बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी से पहले क्या जानकारी आपको होनी चाहिए

मेदस्विता से लड़ना एक अत्यन्त कठिन काम है। कई मेदस्वी व्यक्ति को सभी प्रयत्नों के अन्तमे, मेदस्विता से छूटकारा पाने के लिए बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी की आवश्यकता होती है। बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी का निर्णय अपने आप में एक बहुत बड़ा निर्णय है। अंतिम निर्णय लेने से पहले मेदस्वी व्यक्ति बहुत सारे संदेह और तथ्यो की जांच से गुजरता है। यहाँ, मैंने उनके कुछ सामान्य संदेहों को समझाकर ऐसे व्यक्ति की मदद करने का प्रयास किया है। बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी से पहले आपको जो जानकारी होनी चाहिए, वे सब यहां बतायी गयी है।

क्या मुझे वास्तव में बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी की आवश्यकता है ?

किसी भी व्यक्ति के मनमें सबसे पहले यही प्रश्न आता है की, क्या यह सर्जरी मेरे लिए सही है? सही में मुझे इसकी जरूरत है? इस सर्जरी से मुझे फायदा होगा? मेदस्विता के लिए मेरे पास इस सर्जरी के आलावा अन्य कोई सरल उपाय है? इस आर्टिकल में सरल भाषा में ये सभी आशंकाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की गई है।

यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 32.5 -37.5  है और साथ में आपको वजन के संबंधित अन्य समस्या भी है, या तो भले ही आपको वजन के संबंधित अन्य समस्या ना हो किन्तु आपका BMI 37.5 या इससे अधिक है, तो  आपको बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी की सलाह दी जाती है। आपको बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी के बारे में सोचने से पहले आहार और जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से वजन कम करने की कोशिश करनी चाहिए। यदि आपका BMI ऊपर दी गई श्रेणी में आता है, तो जीवनशैली और आहार के बदलाव से वजन कम होने की और इसे बनाये रखने की संभावना कम है। और इसलिए सर्जरी की जरूरत है।

अगर आपका वजन आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है तो इस परिस्थिति में बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी आपके लिए और भी अधिक उचित है। जब मेदस्विता की वजह से आपको डायाबिटीस, ब्लड प्रेशर, पैरों में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, और  व्यंधत्व जैसी एक और अधिक समस्या है, तो लंबे समय तक सर्जरी में विलम्ब करना अधिक हानिकारक हो सकता है।

बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी कोई कॉस्मेटिक प्रक्रिया नहीं है। सर्जरी के बाद वजन कम होने से हम बहेतर(अच्छे) दिखने की उम्मीद कर सकते है, किन्तु ऐसी बड़ी (major) सर्जरी करवाने का सबसे महत्वपूर्ण कारण हमारे जीवन की अवधि बढ़ाने का और इसकी गुणवत्ता में सुधार लाने का है। जीवन की गुणवत्ता में सुधार होने के आलावा, वजन कम होने से हार्ट एटेक, स्ट्रोक, डायबिटीस और केन्सर इत्यादि का खतरा भी कम होता है।

हमें यह समझना चाहिए की यह ऐसी सर्जरी नहीं है, जिसे तत्काल करना जरूरी हो। और “क्या बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी आवश्यक है?”  इस प्रश्न का उत्तर सिर्फ “हाँ” या “ना” में नहीं हो सकता है। हमेंशा सर्जरी के लाभ और संभावित समस्याओं के बारे में पूरी तरह समझने के बाद, पूरी जागरूकता के साथ और अच्छी तरह सोचने के बाद सर्जरी करवाने का निर्णय लिया जाता है। और ज्यादातर मरीजों जो सर्जरी करवाते है, उनमे लाभ संभावित समस्याओं से काफी ज्यादा होते है।

इसलिए, आपको समझना चाहिए की क्या कारण है की आपको सर्जरी की जरूरत है। एक बेरियाट्रिक सर्जन से की गई बातचीत आपको यह समझने में मदद कर सकती है। इस परामर्श में आपका वजन, BMI, आयु, जीवनशैली में कुछ प्रतिबंध, भविष्य में मेदस्विता की वजह से होनेवाली संभावित समस्याओं को ध्यान में रखें।

उदाहरण के तौर पर

मान लो की आप 50 वर्ष से अधिक आयु की महिला है, आपका वजन 95 किलोग्राम है, और आपका  BMI 37 है, इस के साथ आपको वेरिकोस वेइन्स, पैरों में सुजन और घुटनों और पीठ में दर्द  होता है। आहार में बदलाव के साथ, उचित कोशिश करने के बावजूद, आप वजन कम करने में और शारीरिक प्रवृतियाँ ठीक से करने में असमर्थ है। और आप ऐसी व्यक्ति है जिसका वजन पिछले 1-2 सालों में करीबन 5-10 किलोग्राम जितना बढ़ गया है, तो ऐसी व्यक्ति को पूरी तरह से समझने के बाद सर्जरी पर विचार करना चाहिए। अन्यथा वह अपने घुटनों और रीढ़ को अधिक नुकशान कर सकती है। और अंतमें, कुछ साल बाद जब उसका वजन 105 किलोग्राम तक और भी बढ़ जाता है, तब उन्हें बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि घुटनों और पीठ के दर्द और उम्र की वजह से उनके वजन कम होने की और कम हुए वजन को बनाये रखने की संभावना कम है। IMAGES

एक अन्य उदाहरण

आइए अब हम एक अलग परिस्थिति के बारे में चर्चा करे। मानिए की किसी एक व्यक्ति का BMI 38 हो और इसके साथ उसे डायबिटीस हो, जो दवाइयों से भी ठीक से कन्ट्रोल नहीं हो रहा हो, या उन्हें साँस की समस्या या स्लिप एप्निया(नींद की समस्या) हो। ऐसे मरीजों के लिए, मोटापे और उससे जुडी स्वास्थ्य समस्या के जोखिम बेरियाट्रिक सर्जरी के जोखिम से कई गुना ज्यादा होते है। मरीजों में अनियंत्रित डायाबिटीस से किडनी की समस्याएं, डायबिटिक फुट अल्सर, या ह्रदय की समस्याएं हो सकती है। उनकी नींद की समस्या की वजह से घातक दुर्घटना हो सकती है, या तो उनकी प्रवृतियों पर नकारात्मक असर हो सकता  है।

ऐसी बहुत सारी समस्याएं और उदाहरण है जिसमें, बेरियाट्रिक सर्जरी, संभावित कॉम्प्लीकेशन्स के बावजूद, एक वरदान हो सकती है। और सर्जरी के पहले का उचित मूल्यांकन और एक अच्छा फॉलो-अप, ना सिर्फ कॉम्प्लिकेशन को कम कर सकता है,  यह कॉम्प्लिकेशन होने की स्थिति में उसे सही समय पे सुधारने में भी मदद करता है।  इसलिए, आपको अच्छे से समझने की जरूरत है की आपकी समस्या क्या है और बेरियाट्रिक (ओबेसिटी) सर्जरी आपको कितनी मददगार होगी। यदि आप सर्जरी नहीं करवाते है तो, आपकी समस्या के लिए अन्य विकल्प क्या है?

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बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी का कौन सा विकल्प मेरे लिए उचित होगा?

एक बार आप तय कर लेते है की आपको बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी करवानी है, तो आपका अगला कदम सर्जरी के विभिन्न विकल्पों में से आपके लिए उचित विकल्प का चयन करने का है। सर्जरी के विभिन्न विकल्पों को मुख्य तौर पर दो प्रकार में वर्गीकृत किया जाता है,  लेप्रोस्कोपिक और एंडोस्कोपिक।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के प्रकार

एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के प्रकार

  • एंडोस्कोपिक गेस्ट्रिक बलून प्लेसमेंट
  • एंडोस्कोपिक गेस्ट्रोप्लास्टी (गेस्ट्रिक प्लायकेशन )

ऊपर दी गई सूचि में से, स्लीव गेस्ट्रेक्टोमी और दोनों प्रकार की गेस्ट्रिक बायपास आम तौर पर की जाने वाली सर्जरी है। ये प्रकार अन्य विकल्पों की तुलना में पसंदीदा प्रकार है क्योंकि इस प्रकार की सर्जरी के परिणाम लगातार अच्छे, और लम्बे समय के दिखाई देते है। सर्जरी के प्रकार का चयन आपके  BMI, आपकी उम्र, आप शाकाहारी है या नहीं, और सबसे महत्वपूर्ण आपके मेटाबोलिक प्रोब्लेम्स पर निर्भर करता है। यहां मेटाबोलिक प्रोब्लेम्स का मतलब है आपका डायाबिटीस, इन्स्युलिन की  जरूरत, आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल और  आपका पेन्क्रीअटिक रिज़र्व जो  C peptaide  के लेवल के रूप में दिखाया जाता है।

बायपास सर्जरी थोड़ी ज्यादा जटिल सर्जरी है, लेकिन डायाबिटीस के मरीजों के लिए इसके महत्वपूर्ण लाभ है। जबकि इलियल इन्टरपोजिसन का विकल्प, ऐसे मरीज़ों के लिए है जिन्हें डायाबिटीस है और मेदस्वी नहीं है। इसका मतलब है की यह एक पूर्ण रूप से मेटाबोलिक सर्जरी है, जो आपके डायाबिटीस में सुधार करने के लिए की जाती है।

32.5 से अधिक BMI वाले मरीजों के लिए एन्डोस्कोपिक प्रक्रियाएं आदर्श विकल्प नहीं है। गेस्ट्रिक बलून के लम्बी अवधि के परिणाम अच्छे देखने को नहीं मिले है। एन्डोस्कोपिक गेस्ट्रोप्लास्टी अभी भी एक नई प्रक्रिया है और लेप्रोस्कोपिक गेस्ट्रिक प्लायकेशन (जो आम तौर पर नहीं की जाती है) के परिणाम अच्छे ना होने की वजह से, में इस प्रक्रिया के लम्बी अवधि के परिणामों के लिए बहुत आशावादी नहीं हूँ। फिर भी, इस प्रक्रिया का चयन ऐसे मरीजों के लिए किया जा सकता है, जिसका BMI 30 -32.5  की श्रेणी में आता है और उन्हें कोई मेटाबोलिक समस्या ना हो।

मेरे लिए सबसे सुरक्षित बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी कौन सी है?

आपके लिए सर्जरी का जो विकल्प सबसे सुरक्षित और अच्छा हो वह अन्य मेदस्वी व्यक्ति से अलग हो सकता है। इसलिए, एक सर्जन से पूरी तरह से चर्चा करने की और प्रत्येक प्रक्रिया के परिणामों को ठीक से समझने की सलाह दी जाती है। सर्जन आपके मामले में विभिन्न प्रक्रिया के रिस्क vs बेनिफिट्स यानि की जोखिम vs लाभ को समझने में मदद करेंगे। और इसके बाद आप दोनों मिलकर सर्जरी के प्रकार के बारे में सयुंक्त निर्णय ले सकते है।

क्या मैंने बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी के जोखिम को समजा है?

प्रारंभिक संभावित समस्या: बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी कितनी जोखिमीकारक  है?

कोई भी सर्जरी 100 प्रतिशत सुरक्षित और बिना किसी समस्या की नहीं होती है। और यही बात बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) को भी लागु होती है। यह एक बड़ी सर्जरी है और इसकी भी कुछ समस्याएं हो सकती है। चिंता करनेवाली कुछ प्रारंभिक समस्याएं है जैसे की ब्लीडिंग, आंतो और जठर के जोड़ की जगह से लीकेज, साँस की समस्या, और पैरों की नसों में खून का जम जाना (clot)। सामान्य तौर पर, इनमें से कोई समस्या होने की गुंजाईश 1-2 %(यानि की सर्जरी करवाने वाले 100 में से 1-2) मरीजों में  होती  है। ऐसी समस्याओं में आगे सारवार की, ज्यादा समय हॉस्पिटल में रहने की, समस्या को ठीक करने के लिए अन्य प्रक्रिया करने की जरूरत हो सकती है, और उपचार के कुल खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसी समस्याओं से बचने के लिए, सर्जरी से पहले, दौरान और बादमें निश्चित रूप से सभी उपाय किए जाते है। और यदि हम ऐसी समस्याओं के बारे में जागरूक और सतर्क है, तो समय पर उनकी पहचान करके और समय पर उसका इलाज करके एक बड़ी दुर्घटना को टाल सकते है। इसलिए, ऐसी समस्याओं से अवगत होना बहुत महत्वपूर्ण है। इसके आलावा, कुछ अन्य छोटी-मोटी समस्याएं जैसे की घाव में इन्फेक्शन, बुखार, उलटी भी हो सकती हे जो की वे बहुत चिंता की बात नहीं है।

कुल मिलाकर, यही सच है की ये सब कॉम्प्लिकेशन होने के बावजूद, बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी के लाभ, समस्याओं से काफी ज्यादा है।  जब हम उचित प्रोटोकॉल(नियमों) का पालन करते है और उचित देखभाल करते है, तो समस्याएं कम से कम होती है और होने पर असरकारक रूप से उसे ठीक किया जा सकता है। जिससे अन्तमे, सकारात्मक परिणाम प्राप्त होता है।

बेरियाट्रिक (ओबेसिटी) सर्जरी के बाद की लम्बी अवधि की संभावित समस्या

बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी के बाद की लम्बी अवधि की समस्याओं में मुख्य रूप से पोषण संबंधित समस्याएं और फिर से वजन बढ़ने की समस्याएं शामिल है। इन समस्याओं को रोकने के लिए कई चीजों का ध्यान रखा जाना चाहिए। कुछ हद तक, यह बेरियाट्रिक सर्जरी के प्रकार पर भी निर्भर करता है। ऐसी समस्याओं से बचने के लिए, एक अच्छा फॉलो-अप और स्वस्थ आहार और जीवनशैली का पालन करने का दृष्टिकोण बहुत आवश्यक है।

पोषण संबंधित समस्या

एक आम चिंता प्रोटीन और विटामिन की कमी की है। ऐसे ही एनीमिया और  सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी। आम तौर पर, वजन कम होने के समय के दौरान इसे सप्लीमेंट के रूप में दिया जाता है। इसकी होने की संभावना स्लीव गेस्ट्रेक्टोमी की तुलना में बायपास प्रकार की सर्जरी में अधिक होती है। स्वस्थ आहार इससे बचने में मदद करता है और रेग्युलर फॉलो-अप करने से उसे जल्दी पहचाना जाता है। जल्दी से पता चलने से उसे ठीक करना सरल हो जाता है। सिर्फ उसे सप्लीमेंट की तरह लेना होता है। कुछ कमीयां अगर समय पर नहीं पहचानी जाती है  तो वे अधिक समस्या पैदा कर सकती है और उसे ठीक करना और भी मुश्किल होगा।

वजन फिर से बढ़ने की समस्या 

लम्बी अवधि की एक और महत्वपूर्ण समस्या है वजन का फिर से बढ़ना। वजन का बढ़ना सर्जरी की असफलता को नहीं दर्शाता है, लेकिन मरीज की खराब जीवनशैली को दर्शाता  है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा की, वजन इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि दर्दी ने मेदस्विता के प्राथमिक कारण “अस्वस्थ जीवनशैली ” में बदलाव नहीं किया है। फॉलो-अप का निष्ठा से पालन ना करना, जीवनशैली में बदलाव के प्रति लापरवाह रवैये को दर्शाता है। और इस वजह से, ज्यादातर मरीज जिसमें पोषण की कमी हो और वजन फिर से बढा हो, उनका सर्जरी के बाद का फॉलो-अप का रेकॉर्ड देखें तो ज्यादातर अनियमित होता है।

बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी के बाद मुझे क्या उम्मीद रखनी चाहिए

दर्द और रिकवरी: क्या बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी दर्दभरी है ?

सर्जरी के बाद आप को पता चलेगा की जितना आपने सोचा था दर्द उससे कम हुआ। सर्जरी के कुछ ही घंटो में आप बेड से उठकर चल फिर सकेंगे। जाहिर है की कोई भी सर्जरी सम्पूर्ण रूप से बिना दर्द की नहीं होती है। किन्तु, यह देखते हुए  की यह एक बड़ी सर्जरी है, उस हिसाब से दर्द काफी कम होता है। ऐसा इसलिए है की यह एक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी है। कुछ ही दिनों में, आप सामान्य रूप अपने सारे कार्य करने की उम्मीद कर सकते है। जितना चाहे चलना, सीढियाँ चढ़ना इत्यादि। जिनको टेबल-वर्क या ऑफिस-वर्क है, वे 7-10 दिनों में वापस अपने काम पर लौट सकते है।

सर्जरी के तुरंत बाद के आहार में बदलाव से अनुकूलन

शुरू में, दो सप्ताह के लिए आप लिक्विड आहार पर होंगे। शुरुआती कुछ दिनों के लिए, आप एकबार में एक घूंट लिक्विड ही ले सकेंगे। इसलिए आपको एक सिपर(बोतल) आपके पास रखना होगा जिसमें से आप हर कुछ मिनिटों में लगातार लिक्विड के घूंट भर सके। यह महत्वपूर्ण है की प्रति दिन 2-3  लीटर लिक्विड ले, ताकि शरीर में हायड्रेसन बना रहे। उसके बाद, नरम भोजन दिया जायेगा और धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जायेगा। सामान्य आहार फिर से शुरू करने में 4- 6  सप्ताह लगेंगे। यह वह समय है  जिसमे कुछ आयोजन और अनुकूलन की आवश्यकता होगी। खासकर जब आप काम फिर से शुरू करते हैं तब।

काम और सामान्य प्रवृतियां फिर से शुरू करना

आप किस प्रकार का काम करते हो, इसके आधार पर करीबन 8-10 दिनों में काम पर वापस लौटने की उम्मीद कर सकते हो। कुछ अभिप्रेरित व्यक्ति इससे भी पहले काम पर लौट सकते है। जितना जल्दी आप सामान्य रूप से घूमना शुरू करते है और काम पर वापस लौटते हो, उतना वह आपको जल्दी सम्पूर्ण रूप से ठीक होने में मदद करता है।

शुरुआत में वजन का कम होना

शुरू में वजन तेजी से कम होगा। शुरुआती 3 महीनों में अपेक्षित वजन की कमी में से 40-50 % वजन कम होता है। बाकी का वजन 12-18 महीने के समय में कम होगा। पहले महीने और शुरुआती 3 महीनों में कुल वजन का घटना आपके अतिरिक्त वजन पर निर्भर करेगा। शुरुआत में यह वजन का कम होना, आप को हल्का और अधिक ऊर्जावान महसूस कराने के लिए पर्याप्त है। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। और यही समय है, जब आपको श्रेष्ठ परिणाम पाने के लिए धीरे-धीरे अपनी शारीरिक प्रवृतियाँ बढ़ानी चाहिए।

मेदस्विता संबंधित अन्य बीमारियों में सुधार (Healthy problem benefits)

मेदस्विता के संबंधित अन्य बीमारियों में शुरुआत से ही काफी सुधार देखा जाता है। डायाबिटीस में सुधार पहले ही दिन से देखा जाता है, वजन में पहले किलोग्राम कम होने से भी पहले। यही तो बेरियाट्रिक सर्जरी का असली जादू है, खास कर बायपास सर्जरी। ब्लड प्रेसर, घुटनों के दर्द की समस्या, पीठ के दर्द की समस्या, पैरों में सूजन, और  व्यंधत्व  संबंधित समस्या में शुरुआती कुछ ही महीनों में सुधार होने लगता है। और यह आपको एक स्वस्थ जीवनशैली पर वापस लाने में मदद करेगा।

बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी के बाद मुझे मुख्य कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए ?

चाहे बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी लगातार लम्बी अवधि के अच्छे परिणाम दे रही हो, व्यक्तिगत परिणाम बहुत सी चीजों पर निर्भर करता है। जो मरीज यह ठीक से समझते है और अपने सर्जन के द्वारा दी गई सलाह का पालन करते है, वह बहेतर परिणाम प्राप्त करते है। यहां कुछ चीजें है जो बहुत महत्वपूर्ण है  और समजने लायक है।

खाने की आदत

सबसे महत्वपूर्ण देखभाल यह करनी है की धीरे-धीरे ठीक से चबाके खाना है। शुरुआती दिनों में यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि जल्दी से खाने से बेचैनी या तो उलटी तक हो सकती है। समय के साथ आप खुद समज पाएंगे की आप कितनी जल्दी से भोजन करे तो आप आराम से भोजन कर रहे है।

दूसरा, आपको सही भोजन खाने की आदत विकसित करनी होगी। क्योंकि पोषण की कमी एक संभावना है, इसलिए आपको स्वस्थ भोजन करना चाहिए। ऐसा भोजन जो प्रोटीन, विटामिन, और फाइबर से भरपूर हो। आपको सोडा, कॉफी और शुगर वाले ड्रिंक्स को टालना चाहिए। आपको मिठाई, चॉकलेट और तले हुए भोजन से भी बचना है।

यह स्वस्थ भोजनशैली का बदलाव, मानसिक स्तर पर किया जाना चाहिए। आपको यह समझना चाहिए और स्वीकार करना चाहिए की यही खाने का सही तरीका है और यह आदत आजीवन होनी चाहिए। और आजीवन इस आदत को बनाये रखना तभी संभव होगा जब आप खुद को मजबूर करने के बजाय ख़ुशी से इसे स्वीकार कर रहे हो। यही एक सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है जो सर्जरी के बाद आपको लम्बी अवधि के परिणाम देता है।

शारीरिक सक्रियता

जैसे ही पहले कहा गया है, आपको लगभग 7-10 दिनों के समय में सामान्य प्रवृतियों को फिर से शुरू करने के लिए सक्षम होना चाहिए। और इस वक्त, आपको धीरे-धीरे आपकी शारीरिक प्रवृतियों को बढ़ाने पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सक्रिय रहने से आपको अधिकतम वजन घटाने में मदद मिलेगी और आपके मसल्स को बनाये रखने में भी मदद मिलेगी। यदि आप शारीरिक रूप से सक्रिय रहते है, तो त्वचा की शिथिलता भी कम होगी। जैसे जैसे ज्यादा वजन कम होता जायेगा, व्यायाम भी ज्यादा और आसानी से कर पाओगे। एक और बात की स्पष्टता करने की जरूरत है की आपको जिम(Gym) जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन जरूरी यह है की मध्यम मात्रा में शारीरिक व्यायाम नियमित रूप से जारी रखा जाए। तेज चलना, दौड़ना, खेलना, आदि जैसी प्रवृतियां आपकी दैनिक प्रवृतियों में शामिल होनी चाहिए। जिससे व्यायाम करने के लिए अलग समय की जरूरत कम होती है। यह सब वहीं है जिसने हमारे पूर्वजों को स्वस्थ रखा था।

सप्लीमेंट्स(पूरक आहार)

प्रोटीन्स और विटामिन की कमी होने की एक संभावना है, और  इसलिए आपको सप्लीमेंट (पूरक आहार) के बारे में आपके सर्जन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है। आमतौर पर, जब तक आप एक सामान्य आहार फिर से शुरू ना करे, तब तक शुरुआती कुछ महीनों के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट की जरूरत है। विटामिन की जरूरत लम्बे समय के लिए है, कम से कम तब तक जब तक आपका वजन कम हो रहा हो। आगे की विटामिन सप्लीमेंट की जरूरत के बारे में सर्जिकल टीम आपकी व्यक्तिगत जरूरत को ध्यान में रखके आपको सूचित करेंगे।

दवाएं, आल्कोहोल, और धूम्रपान

सर्जरी के बाद, आपको अन्य दवाओं लेते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दवाई लेने से पहले हमेंशा, अपनी सर्जिकल टीम से बात करे, खासकर NSAIDs और पेईनकिलर(दर्दशामक) दवाओं के बारे में। आल्कोहोल और धूम्रपान भी समस्या पैदा कर सकता है और इसलिए इससे दूर रहना चाहिए। धूम्रपान से अल्सर होने की संभावना ज्यादा है  और इससे बड़ी समस्याएं हो सकती है।

फॉलो-अप

लम्बी अवधि के अच्छे परिणाम, सबसे अधिक फॉलो-अप के कारण संभवित होता है। सर्जरी के कुछ महीनों के बाद, मरीजों को यह महसूस नहीं होता है कि वे मरीज है, यह एक स्वाभाविक और समज में आये ऐसी बात है। और इसलिए उनके फॉलो-अप को छोड़ने और टालने की संभावना बहुत ज्यादा है। लेकिन यह वही समय है जब आपके सर्जन आपकी पोषण की कमी को उसके शुरुआती चरण में ही पहचान पाते है, आपके अस्वास्थ्यकर आहार को और निष्क्रियता को पहचान पाते है। फॉलो-अप के दौरान, एक स्वस्थ जीवनशैली बनाये रखने में आपकी मदद करने के लिए जरूरी सुझाव दिए जाते है। और इसलिए ऐसे मरीज जो अच्छा फॉलो-अप रखते है, उनके परिणाम बेहतर होने की संभावना है।

इण्डिया में बेरियाट्रिक(ओबेसिटी) सर्जरी का खर्च

सर्जरी का खर्च जगह-जगह, हॉस्पिटल से हॉस्पिटल और सर्जन से सर्जन तक अलग अलग होता है। इस सर्जरी में बहुत सारे sophisticated  उपकरणों और डिस्पोज़ेबल चीजों की जरूरत पड़ने के कारण निश्चित रूप से कुल मिलाके खर्च अधिक होता है। हालाँकि हद से अधिक खर्च करने की जरूरत नहीं है, लेकिन खर्च में कटौती के लिए कुछ  बुनियादी जरूरतों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। यदि आप हमारे सेन्टर के पैकेज के बारे में पूछताछ करना चाहते है तो आप यहाँ क्लिक करके आपकी सम्पूर्ण माहिती भेज सकते है और हमें आपसे बात करने में ख़ुशी होगी।

क्या में सही सर्जन के साथ हूँ?

मेदस्विता के खिलाफ आपकी लड़ाई में सर्जन और सर्जिकल टीम आपके साथी है। इसलिए एक अच्छे सर्जन को पसन्द करना बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ विशेषताएँ बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए आपको यह सुनिश्चित करना है की आपके सर्जन में यह विशेषताएँ है। उनके पास इस सर्जरी करने की योग्यता/लायकात  और अनुभव होना चाहिए। सर्जरी ऐसी हॉस्पिटल में करनी चाहिए, जहां ऑपरेशन थियेटर में सभी जरूरी उपकरणों उपलब्ध हो और इसमें ICU बेकअप की सुविधा हो। वह आपके प्रश्नों को हल करने और सही सलाह देने के लिए आपको समय देने के लिए तैयार होना चाहिए। वे आपकी छोटी समस्याओं और चिंताओं के समय, सर्जरी के बाद भी आपके लिए उपलब्ध होने चाहिए।यदि उपरोक्त सभी विशेषताएँ उनमें है, तो हाँ आप सुरक्षित हाथों में हैं।

एड्रोइट सेन्टर फॉर डायजेस्टिव एन्ड ओबेसिटी सर्जरी के बारे में

एड्रोइट सेन्टर पर हम मेदस्वी व्यक्तियों की समस्याओं को समझते है। न केवल किन समस्याओं का सामना वे कर रहे है, किन्तु वह भी की वे इस समस्याओं का सामना क्यों कर रहे है। वे अपने वजन के खिलाफ जंग में शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, पारिवारिक, सामाजिक, वित्तीय और पेशे से संबंधित कौन सी चुनौतियों का सामना कर रहे है। हमें मेदस्विता के मूल कारणों की भी सम्पूर्ण समज है। और प्रत्येक व्यक्तिगत मरीज के विशिष्ट कारणों को खोज निकालने की क्षमता और इच्छा है। इससे हमें लम्बे समय के उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने के लिए मरीज का मार्गदर्शन करने में मदद मिलती है।  हमारा सेन्टर इस प्रकार की सर्जरी नियमित रूप से लम्बे समय से कर रहा है और हम आपको एक सुरक्षित और सरल रिकवरी का आश्वासन दे सकते है।  हमारी टीम यह सुनिश्चित करने में भी सक्रिय कार्य करती है की आप सर्जरी के तुरंत बाद अपने सामन्य जीवन में वापस आ गए है। शायद यही कारण है की हमारे मरीज हमारे सेन्टर को सबसे अच्छा सेन्टर मानते है।

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